Home Health अनेक लोगों का डायलिसिस रुकवा चूका है ये प्रयोग।

अनेक लोगों का डायलिसिस रुकवा चूका है ये प्रयोग।

जिन लोगो को डॉकटरो ने किडनी ट्रांसप्‍लांट की सलाह दी हो, या डायलसिस चल रहा हो तो उन्हे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के पहले इस दवा का प्रयोग जरूर करके देखना चाहिए

144
0
SHARE
http://janvaninews.com

जिन लोगो को डॉकटरो ने किडनी ट्रांसप्‍लांट की सलाह दी हो, या डायलसिस चल रहा हो तो उन्हे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के पहले इस दवा का प्रयोग जरूर करके देखना चाहिए हो सकता है कि ट्रांसप्‍लांट की नौबत ना आए। बता रहे हैं श्री ओम प्रकाश जी जिनको यही समस्या 2009 में आई थी, और डॉक्टर ने उनको किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए बोल दिया था। तो उन्होंने ना ही सिर्फ अपनी किडनी को स्वस्थ किया बल्कि ऐसे अनेक लोगो को भी इसका दम्भ झेलने से बचाया।

आइये जानते हैं श्री ओम प्रकाश सिंह जी से….

किडनी ट्रांसप्लांट करवाना बहुत महंगा हैं, और कुछ लोग तो ये अफोर्ड नहीं कर सकते, और जो कर भी सकते हैं तो किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पहले जैसा जीवन नहीं बन पाता। मैं 17 अक्टोबर 2009 से किडनी की समस्या से झूझ रहा था अप्रैल 2012 मे मुंम्बई के नानावाती हॉस्पिटल के डॉक्टर शरद शेठ से ट्रांसप्लांट की बात भी तय हो चुकी थी लेकिन इसी दरमियान अखिल भारतीय शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के महासचिव डॉक्टर आर बी सिंह से मुलाकात हो गई और उन्होने कहा की यह काढ़ा 15 दिन पीने के बाद अपना फैसला लेना है के आपको क्या करना है, मैने उनकी बात मानकर काढ़े का उपयोग किया और एक हफ्ते के बाद चलने फिरने मे सक्षम हो गया तब से में अभी तक पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ कोई दवा भी नही लेता हूँ और ना ही कोई खाने पीने का परहेज ही करता हूँ, और ना ही किसी प्रकार की कमजोरी महसूस करता हु।

तो कौन सा हैं वो काढ़ा आइये जानते हैं।

काढ़ा बनाने की विधि:

250 ग्राम गोखरू कांटा (ये आपको पंसारी से मिल जायेगा) लेकर 4 लीटर पानी मे उबालिए जब पानी एक लीटर रह जाए तो पानी छानकर एक बोतल मे रख लीजिए और कांटा फेंक दीजिए। इस काढे को सुबह शाम खाली पेट हल्का सा गुनगुना करके 100 ग्राम के करीब पीजिए। शाम को खाली पेट का मतलब है दोपहर के भोजन के 5, 6 घंटे के बाद। काढ़ा पीने के एक घंटे के बाद ही कुछ खाइए और अपनी पहले की दवाई ख़ान पान का रोटिन पूर्ववत ही रखिए।

 

15 दिन के अंदर यदि आपके अंदर अभूतपूर्व परिवर्तन हो जाए तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा बंद कर दीजिए।जैसे जैसे आपके अंदर सुधार होगा काढे की मात्रा कम कर सकते है या दो बार की बजाए एक बार भी कर सकते है। मुझे उम्मीद है की ट्रांसप्लांट का विचार त्याग देंगे जैसा मैने किया है।

मेरा ये अनुभव नवभारत टाइम्स में भी छाप चूका हैं। जिसके बाद मुझे बहुत फोन आये और 3-400 लोगो को मैंने ये बताया भी। जिसमे से 90 % से ऊपर लोगो को आराम मिला।

और अगर आप भी ये प्रयोग करना चाहे तो निश्चिन्त हो कर करिये और अगर ऊपर लिखा हुआ समझ में ना आये या किसी प्रकार की शंका हो तो मुझसे मेरे फोन नंबर 8097236254 पर व्हाट्सप्प द्वारा सहायता मांग सकता है।

आपको आराम मिले तो आप दूसरे भाइयो को भी इसी प्रकार बताइये। और अपनी यथा शक्ति धन की सेवा किसी नज़दीकी गौशाला में कीजिये। गाय से बड़ा कोई पुण्य नहीं हैं। नेक कर्म ही साथ जाएंगे।

 

विशेष अपडेट.

छोटे गोखुरू पीले रंग के 250 ग्राम को अच्छे से धूल,मिटटी,कंकर को साफ कर लीजिये फिर 2 बार उसे पानी से धूल लीजिये फिर 4 ltr पानी में धीमी आंच पर पकाये जब एक ltr रह जाये तो उसे छानकर कांच के बॉटल में फ्रीज़ में रख लीजिये और सुबह शाम 100 ml खाली पेट पीजिये….काढ़ा पीने के बाद 1-1/२ घण्टे तक कुछ भी खाना पीना नही है…काढ़ा पीने के साथ खान पान का परहेज जरूर करें…किडनी मरीज़ के लिए डाइट चार्ट भी इसी साईट पर दिया गया है कृपया डाइट चार्ट के अनुसार ही खान पान करें….तभी सही फायदा होगा…गोखुरू काढ़ा बिलकुल सेफ है इसमें किसी तरफ का साइड इफेक्ट नहीं है…15 दिन के बाद एक बार जाँच जरूर कराइये यदि आपको फायदा मिले तो कृपया इस साईट पर आपने अनुभव भी शेयर करें,ताकि दूसरे लोगो को भी इसका लाभ मिल सके…जिनका डाइलिसिस चल रहा है वेभी इसका सेवन कर सकते हैं…

source by : www.onlyayurved dot com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here