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इन उपायों को अपनाने से दूर होगी नींद न आने की बीमारी, जानें इनके बारे में

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कई स्वास्थ्य समस्याओं का एक प्रमुख कारण अच्छी नींद की कमी भी है। इसलिए नींद से संबंधित किसी भी समस्या को गंभीरता से लें, अन्यथा कई तकलीफों के शिकार हो सकते हैं।

एक शोध के अनुसार, वर्तमान जीवनशैली में 90 फीसदी से ज्यादा भारतीयों को भरपूर नींद नहीं मिल पाती। 72 फीसदी भारतीयों की नींद रात में सोने के दौरान एक से तीन बार तक टूटती है। 11 फीसदी लोगों को नींद पूरी न होने की वजह से छुट्टी तक लेनी पड़ती है। बावजूद इसके, केवल 2 फीसदी लोग ही कम नींद की समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लेते हैं। डॉक्टर के पास अकसर लोग तब जाते हैं, जब अनिद्रा रोग के शिकार हो जाते हैं।

क्या हैं कारण
यदि जीवनशैली तनावपूर्ण हो, तो लोग कम नींद लेने लगते हैं, जो अनिद्रा की समस्या में बदल सकती है।
काम की ज्यादा व्यस्तता होना।
लगातार देर रात तक जागना।
सोने के समय यात्रा आदि करना।
शाम को अधिक मात्रा में भोजन करना।
किसी बीमारी की वजह से कम नींद हो सकती है।
कुछ दवाओं की वजह से कम नींद की समस्या हो सकती है।
कैफीन, निकोटीन का ज्यादा सेवन कम नींद की वजह बन सकता है।

क्या हैं खतरे
हृदयाघात : लगातार कम नींद हृदयाघात का कारण बन सकता है।
अस्थमा का दौरा : अस्थमा से पीड़ित मरीज में कम नींद की समस्या दौरे का कारण बन सकती है।
मिर्गी का दौरा : कम नींद से मिर्गी का दौरा पड़ सकता है।
सूजन : अनिद्रा से शरीर में सूजन पैदा हो सकती है। अनिद्रा दर्द की संवेदना बढ़ा सकती है।
अवसाद : लंबे समय तक नींद कम ली जाए या अनिद्रा की स्थिति हो, तो व्यक्ति अवसाद का शिकार हो सकता है।
चिड़चिड़ापन : नींद पूरी न हो, तो कुछ समय बाद स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है। इससे व्यवहार असामान्य हो सकता है।
याददाश्त : कम नींद याददाश्त पर असर डालती है।
डायबिटीज : नेचर जेनेटिक्स पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, नींद पूरी न हो तो डायबिटीज के लक्षण पैदा हो सकते हैं।
उच्च रक्तचाप : कम नींद उच्च रक्तचाप का कारण बन सकती है।
मोटापा : एक अमेरिकी शोध के अनुसार, छह घंटे से कम की नींद मोटापे का कारण बन सकती है। शोध के मुताबिक पेट के बढ़ते आकार का संबंध अनियमित नींद से भी है।

अच्छी नींद के उपाय
रात में एक निश्चित समय पर सोने की आदत डालें।
सोने से एक घंटे पहले मानसिक तनाव देने वाले कामों से फुरसत ले लें।
सक्रिय जीवनशैली अपनाएं।
सकारात्मक सोचें।
सोने से पहले गरिष्ठ भोजन और पेय पदार्थों से बचें।
सोने से पहले ठंडे दूध में शहद मिलाकर पीने से नींद बेहतर होती है।
सोने के कमरे को आरामदायक बनाएं।
कॉफी, अल्कोहल और धूम्रपान के सेवन से बचें।
दिन में अनावश्यक नींद लेने की आदत से बचें।
कुछ अध्ययनों के अनुसार, सोने से पहले एक मुट्ठी चेरी खाएं, तो नींद अच्छी आएगी। चेरी में प्रचुर मात्रा में मेलाटोनिन होता है, जो शरीर के आंतरिक चक्र को नियमित करता है।
सोने से पहले तलवों में सरसों के तेल की मालिश करने से नींद न आने की समस्या को दूर किया जा सकता है।
नींद न आ रही हो, तो कोई पुस्तक पढ़ें या संगीत सुनें।
योगासन, प्राणायाम और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
सोने से पूर्व ग्रीन टी पिएं।

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