Home Health बोन-बैंक से हड्डी लेकर किया कूल्हे का जटिल जोड़ प्रत्यारोपण

बोन-बैंक से हड्डी लेकर किया कूल्हे का जटिल जोड़ प्रत्यारोपण

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Janvani news

ब्लड बैंक की तरह अब बोन बैंक भी प्रचलन में आ चुके हैं। इसके जरिए दूसरे व्यक्ति की हड्डियों को जरूरत पड़ने पर काम में लिया जा सकता है। जयपुर के नारायणा मल्टीस्पेशियल्टी हॉस्पिटल के वरिष्ठ जोड़ प्रत्यारोपण चिकित्सक डॉ. विजय शर्मा और उनके सहयोगियों ने एक केस में बोन-बैंक से हड्डी का जरूरी हिस्सा लेकर कूल्हे के जटिल जोड़ प्रत्यरोपण में सफलता पाई है। डॉ. शर्मा ने बताया कि 55 वर्षीय गंगानगर निवासी महिला गठिया रोग (रयूमेटॉइड आर्थराइटिस) से पीड़ित थी, जिस वजह से उसके बाए कूल्हे का जोड़ पूरी तरह खराब हो चुका था और एक पैर 3 इंच छोटा हो गया था। कूल्हे का जोड़ बनाने वाली छत (एसिटाबुलम) अंदर की तरफ  पेल्विस में घुस गई थी जिसे चिकित्सक प्रोटू्रजियो एसिटाबुलाई कहते है और इसमें बडेÞ-बडे डिफेक्ट्स हो गए थे। इस जटिल बीमारी के चलते मरीज पिछले 10 साल से चल भी नही पाई थी।

यूं किया आॅपरेशन
डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि इस जटिल केस के लिए बोन बैंक से बोन, जिसे एैलोग्राफ्ट कहते हैं, मंगवाकर मरीज के सारे डिफेक्ट्स में भरा गया और विशेष प्रकार के ट्रेबिकुलर मेटल कप के साथ जोड़ प्रत्यारोपण किया गया। मरीज के पैर की लंबाई बराबर हो गई है और बिल्कुल स्वस्थ है। आॅपरेशन में डॉ. मनीष गुप्ता व डॉ. लक्ष्मीकान्त अग्रवाल ने भी सहयोग किया।

क्या है बोन बैंक
आॅपरेशन के समय मरीज के कूल्हे के जोड़ के फिमोरल हेड या जोड प्रत्यारोपण के समय निकली हुई बोन को बैंक में सुरक्षित रखवाया जाता है और एक विशेष प्रक्रिया के बाद ये एलोग्राफ्ट दूसरे मरीजो में काम लेने लायक हो जाते हैं। इस प्रक्रिया के बाद इनकी एन्टिजनीसिटी खत्म हो जाती है लेकिन आस्टियों कनडक्टीविटी बरकरार रहती है।

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